हे नाथ ! हे मेरे नाथ ! मैं आपको भूलूँ नहीं !!

Sadhak Sanjivani

By Swami Ramsukh Das Ji Maharaj

"श्रीमद्भगवद्गीता पर स्वामी रामसुखदास जी महाराज द्वारा रचित अत्यंत सरल, विस्तृत एवं प्रामाणिक हिन्दी टीका (परिशिष्टसहित)।"

  • विशेषता: परिशिष्टसहित विस्तृत हिन्दी टीका

  • प्रलेख: स्वामी रामसुखदास जी महाराज

  • प्रकाशन: गीता प्रेस, गोरखपुर

"साधकों के लिए मोक्ष, कर्मयोग और भक्ति का मार्ग दिखाने वाला गीता प्रेस, गोरखपुर का यह दिव्य ग्रंथ उपलब्ध है।"